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भराड़ीसैंण में मुख्यमंत्री का अग्निवीर कैडेट्स से संवाद, भविष्य की सुरक्षा का दिया भरोसा…

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भराड़ीसैंण में मुख्यमंत्री का अग्निवीर कैडेट्स से संवाद, भविष्य की सुरक्षा का दिया भरोसा…

भराड़ीसैंण 10 मार्च। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण में अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स के साथ संवाद किया। इस दौरान कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहजता से जवाब दिया।

संवाद के दौरान कैडेट शंकर सिंह राणा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक पुत्र होने के कारण उन्होंने सेना के जीवन, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को बहुत करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि सेना में जाना अत्यंत सम्मान की बात है और वे स्वयं भी सैनिकों के अनुशासन व समर्पण से प्रेरणा लेकर प्रदेश की देवतुल्य जनता की सेवा कर रहे हैं।

कैडेट हिमांशु रौतेला के परिवार को समय देने से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक जीवन में जिम्मेदारियां अधिक होती हैं, लेकिन प्रदेश के सभी लोग उनका परिवार हैं और हर गांव उन्हें अपना गांव लगता है।

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ओ.पी. कण्डारी के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीरों की सेवा अवधि पूरी होने के बाद उनके भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार भी विभिन्न क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर उपलब्ध करा रही है।

कैडेट रितेश पंवार के “धाकड़ धामी” पहचान से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि का व्यवहार जनता के प्रति हमेशा सौम्य होना चाहिए, लेकिन राज्यहित और जनहित में कई बार कठोर और साहसिक निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इसके साथ ही प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून भी लागू किए गए हैं।

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अमन सेमवाल के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कार्य करने की ऊर्जा और प्रेरणा प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से मिलती है। सरकार जनभावनाओं के अनुरूप प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और कई क्षेत्रों में उत्तराखंड देश में अग्रणी स्थान पर पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे सैनिक सीमांत और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं। देवभूमि उत्तराखंड की विशेषता है कि यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैनिक बलों में सेवाएं देता है।

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है और रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है। सेना का आधुनिकीकरण भी तेजी से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। देहरादून में भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें राज्य के वीर बलिदानियों की गौरवगाथाएं और स्मृतियां संजोई जाएंगी।

इस अवसर पर कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.), पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में अग्निवीर कैडेट्स उपस्थित रहे।

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