Connect with us

“नंदा–सुनंदा” से फिर जली उम्मीद की लौ, 39 बालिकाओं को ₹12.98 लाख की सहायता…

उत्तराखंड

“नंदा–सुनंदा” से फिर जली उम्मीद की लौ, 39 बालिकाओं को ₹12.98 लाख की सहायता…

देहरादून, 23 मई । आर्थिक और पारिवारिक संकट से जूझ रही बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने की दिशा में जिला प्रशासन देहरादून का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “नंदा–सुनंदा” लगातार मिसाल बन रहा है। शनिवार को आयोजित 15वें संस्करण में 39 जरूरतमंद बालिकाओं को ₹12.98 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में बालिकाओं को चेक वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस चरण में प्राथमिक से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक की छात्राओं को सहायता दी गई, जिनमें 12 प्राथमिक, 9 अपर प्राथमिक, 5 सेकेंडरी, 7 सीनियर सेकेंडरी, 5 ग्रेजुएशन और 1 पोस्ट ग्रेजुएशन की छात्रा शामिल रही।

भावुक कर देने वाले पल

यह भी पढ़ें 👉  तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण में तेजी, डीएम ने किया निरीक्षण…

कार्यक्रम के दौरान कई मार्मिक क्षण सामने आए, जब बालिकाओं और उनकी माताओं ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की। किसी के पिता का निधन हो चुका है, तो कोई आर्थिक तंगी या एकल अभिभावक की जिम्मेदारी के बीच पढ़ाई जारी रखने की जंग लड़ रही है। इन अनुभवों को सुनकर सभागार में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

बेटियों के सपनों को मिल रही नई दिशा

डीएम सविन बंसल ने कहा कि जीवन में कठिनाइयां आती हैं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि “नंदा–सुनंदा” केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को साकार करने का अभियान है, ताकि कोई भी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए।

यह भी पढ़ें 👉  छत्तीसगढ़ के पत्रकारों से बोले सीएम धामी, उत्तराखंड विकास और विरासत का बना मॉडल…

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने भी बालिकाओं को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि भविष्य में वे स्वयं सक्षम बनकर समाज के लिए प्रेरणा बनें।

प्रेरणादायक उदाहरण

कार्यक्रम में कई छात्राओं की कहानियां प्रेरणा का स्रोत बनीं—
अंशिका (एमएससी), अमृता (बीए-बीएड), मदीहा बेग (बीसीए), हर्षिता (बीएससी ओटीटी), आंचल पुण्डीर (बीएससी नर्सिंग) और तनिष्का (बीएससी) जैसी छात्राओं को इस योजना से नई उम्मीद मिली है, जिनकी पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण रुकने की कगार पर थी।

यह भी पढ़ें 👉  मानसून पर सीएम धामी सख्त, बोले- आपदा प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं; 15 सितंबर से ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ का तीसरा चरण…

अब तक 175 बालिकाओं को मिला सहारा

“नंदा–सुनंदा” परियोजना के तहत अब तक 175 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा चुका है और कुल ₹57 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। इसमें प्राथमिक से लेकर पीएचडी, एमबीबीएस, इंजीनियरिंग और स्किल डेवलपमेंट तक की पढ़ाई कर रही छात्राएं शामिल हैं।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित अन्य अधिकारी, बालिकाएं और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

यह पहल सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास और भविष्य को संवारने की मजबूत नींव साबित हो रही है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ट्रेंडिंग खबरें

To Top