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एम्स ऋषिकेश में अंगदान माह एवं अंगदान दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

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एम्स ऋषिकेश में अंगदान माह एवं अंगदान दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

एम्स ऋषिकेश में अंगदान माह एवं अंगदान दिवस के अवसर पर जागरूकता और प्रेरणा से परिपूर्ण विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें वॉकथन दौड़ व गोष्ठियों आदि के माध्यम से आम लोगों को जागरूक किया गया।

रविवार को मोहन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एम्स ऋषिकेश में अंगदान माह एवं 15वें भारतीय अंगदान दिवस को संकल्पबद्ध भाव से मनाया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की पहल “अंगदान – जीवन संजीवनी अभियान” के अंतर्गत आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6:00 बजे वॉकथन दौड़ से हुआ। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया। एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के नेतृत्व में ही मार्च का आयोजन भी किया गया।

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इस मार्च में यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी आदि विभागों सहित नर्सिंग कॉलेज के संकाय सदस्यों एवं छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यूरोलॉजी विभाग के हेड डॉक्टर अंकुर मित्तल ने बताया कि यह मार्च पूरे दिन चलने वाली जन-जागरूकता गतिविधियों की प्रेरणास्रोत बनी। जबकि आस्था पथ (बैराज) पर आयोजित भव्य वॉकथॉन में एमबीबीएस व नर्सिंग छात्र-छात्राएं, फैकल्टी सदस्य, स्वास्थ्यकर्मी, कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मोहन फाउंडेशन एवं लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की।

इस दौरान एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने अंगदान के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी लोगों से आह्वान किया कि अंगदान के माध्यम से जरूरत मंद लोगों का जीवन बचाने को आगे आना चाहिए।

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बताया गया कि कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों ने “मृत्यु अंत नहीं है” एवं “जीवन का उपहार – अंगदान जीवन बचाता है” जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया। इसके उपरांत आयोजित सम्मान समारोह में जीवित किडनी दाताओं एवं मृतक दाता के परिजनों को उनके अनुकरणीय योगदान हेतु प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर यूरोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर मित्तल ने कहा अंगदान जैसे पुण्य कार्य के लिए सभी को आगे आने की आवश्यकता है। उधर इस अवसर पर हरेला पर्व भी मनाया गया। जिसमें मदर्स मिराकल स्कूल ऋषिकेश के सहयोग से वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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सभी कार्यक्रम स्थलों पर QR कोड प्रदर्शित किए गए, जिनके माध्यम से इच्छुक प्रतिभागी तुरंत ऑर्गन डोनेशन प्लेज फॉर्म भरकर इस जीवनदायिनी मुहिम से जुड़ सके। इस दौरान डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बालिजा सत्य श्री, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के हेड डॉ रोहित गुप्ता, डॉ. अंकुर मित्तल, नेफ्रोलॉजी की हेड डॉ. शैरॉन कंडारी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के हेड डॉ लोकेश अरोड़ा, डॉ. विकास कुमार पंवार, डॉ. आनंद, डॉ. दिलीप कुमार, देशराज सोलंकी, वृषभ पंचाल आदि मौजूद रहे।

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